भाग्य तुम्हारा लिख रहा है दिल्ली में बैठे नेता Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 21, 2010 भाग्य तुम्हारा क्या बतायेगा पिंजरे में बंद तोता भाग्य तुम्हारा लिख रहा है दिल्ली में बैठे नेता Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments Vivek singhNovember 29, 2010 at 10:12 PMbahut khoob sir ji...ReplyDeleteRepliesReplymayamrigDecember 19, 2010 at 10:26 PMजी, हम उलझा दिए गए हैं, भाग्य के जाल में और दिल्ली में बैठे नियंता हमारा भाग्य तय करते रहते हैं....इसी खेल में हमारा जीवन खेल बनकर रह गया है....ReplyDeleteRepliesReplyAdd commentLoad more... Post a Comment
bahut khoob sir ji...
ReplyDeleteजी, हम उलझा दिए गए हैं, भाग्य के जाल में और दिल्ली में बैठे नियंता हमारा भाग्य तय करते रहते हैं....इसी खेल में हमारा जीवन खेल बनकर रह गया है....
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