আবার আলোকিত হবে দুনিয়া

খুব কালো রাত
আর শুধু একটি জোনাকি
আর বুকে একটি আশা
আবার আলোকিত হবে দুনিয়া

Comments

Popular posts from this blog

टार चिरैया - घुंघरू परमार की एक कविता

दिन की मर्यादा रात ही तो है

मुर्दों को इंसाफ़ कहाँ मिलता है